जीवनाथ चौधरीक छबी राजनीतिक मात्र नहि सामाजिक आ मैथिली अभियानीक सेहो छन्हि । २०६८ चैत २ गतेसँ मैथिली विकास कोषक लगातार अध्यक्ष छथि । नेपालमे मैथिलीक लेल आइकेँ दिनमे काज करएवला सभसँ महत्वर्पूण संस्थामे एकर नाम लेल जाइत अछि । जनकपुरधाम साहित्यकला तथा अन्तर्राष्ट्रिय नाट्य महोत्सव कोष प्रत्येक दू बर्षपर करैत आबि रहल अछि । चौधरी कहैत छथि, ‘२०७३, ०७५, ०७८ आ ०८० मे हमसभ महोत्सव कएलहुँ अछि, जाहिमे नेपाल भारतक मात्र नहि तेसर देशक लोकसभ सेहो सहभागि होइत छथि ।’ महोत्सव भलहि पाँच दिनक लेल किए नहि हुए, एकर चर्चा महिना दिनधरि होइत रहैत अछि । साहित्य, कला, संस्कृति, व्यवसाय, राजनीतिपर बहस मात्र नहि नाम चलल नाट्य संस्थाक नाटक आ मैथिलीक प्रमुख गायकगायिकाक सहभागितामे सांस्कृतिक कार्यक्रम होइत अछि ।व्यवसायमे सेहो हिनक अलग पहिचान अछि । जनकपुरधामक प्रमुख होटेल सीता प्यालेसक सञ्चालक संगहि मैक प्लाष्टिक फैक्ट्री सेहो हिनक छन्हि, जाहिमे पानिक बोतल बनए संगहि पानिक बिक्री सेहो होइत अछि । ओना व्यवसाय हिनक पैत्रिक पेशा अछि । हिनक पिताकेँ २०३४ सालमे किरानाक दोकान रहन्हि ।

 सुजीत कुमार झा

जनकपुरधामक रामानन्द चौकमे रहल होटेल सीता प्यालेसमे रहए वा भोजन करए लेल मात्र नहि, होटेलक सञ्चालकसंग भेट करए सेहो बहुतो लोक पहुँचैत अछि । होटेलक सञ्चालक माने नेपाली कांग्रेसक युवा नेता जीवनाथ चौधरी । कोनो नहि कोनो समस्या लऽ कऽ लोक हुनका लग पहुँचिते रहैत अछि, ओ दिनभरि हुनकसभक काजमे लागल रहैत छथि । जतेक भीड़ हुनका लग रहैत अछि, ओतेक प्रदेशक मन्त्री वा मेयर लग सेहो नहि देखि सकैत छी !
‘कोनो तेहन पदमे नहि छी, मुदा पार्टीक लोकसभ विभिन्न पदपर छथि हुनका मार्फत अपन साथी भाय, पार्टीक कार्यकर्ताक काजसभ करबैत रहलहुँ,’ ओ कहैत छथि । पुलिसवला लफड़ा, झगड़ा, कर्मचारी बदली, कोनो रोगी अस्पतालमे भर्ना अछि हुनका छुट करावएसँ स्कूल क्याम्पसमे छुट करावए लेल लोक अबैत रहैत छन्हि । ‘सभ गोटेकेँ काज भइए जाइत छैक तेना नहि छैक मुदा लोककेँ कोना सहजता होइक, ताहिमे हम लागल रहैत छी,’ ओ कहैत छथि ।
एकटा दार्शनिक कहने छथि – कमाइक परिभाषा धन कमाएब मात्र नहि होइछ । अनुभव, संस्कार, इज्जत मान, प्रतिष्ठा, प्रेम आ सम्बन्ध कमाएब सेहो अछि ।
नेपाली कांग्रेस मधेश प्रदेशक कार्यसमिति सदस्य रहल चौधरी पार्टीक महासमिति सदस्य आ नेपाल संस्कृति महासंघक मधेश प्रदेश सभापति सेहो छथि । भौतिक पूर्वाधार विकास मन्त्रालय मधेश प्रदेशक २०७८ सालमे ओ सलाहकार सेहो रहि चुकल छथि । हिनक छबी राजनीतिक मात्र नहि सामाजिक आ मैथिली अभियानीक सेहो छन्हि । २०६८ चैत २ गतेसँ मैथिली विकास कोषक लगातार अध्यक्ष छथि । नेपालमे मैथिलीक लेल आइकेँ दिनमे काज करएवला सभसँ महत्वर्पूण संस्थामे एकर नाम लेल जाइत अछि ।
जनकपुरधाम साहित्यकला तथा अन्तर्राष्ट्रिय नाट्य महोत्सव कोष प्रत्येक दू बर्षपर करैत आबि रहल अछि । चौधरी कहैत छथि, ‘२०७३, ०७५, ०७८ आ ०८० मे हमसभ महोत्सव कएलहुँ अछि, जाहिमे नेपाल भारतक मात्र नहि तेसर देशक लोकसभ सेहो सहभागि होइत छथि ।’ महोत्सव भलहि पाँच दिनक लेल किए नहि हुए, एकर चर्चा महिना दिनधरि होइत रहैत अछि । साहित्य, कला, संस्कृति, व्यवसाय, राजनीतिपर बहस मात्र नहि नाम चलल नाट्य संस्थाक नाटक आ मैथिलीक प्रमुख गायकगायिकाक सहभागितामे सांस्कृतिक कार्यक्रम होइत अछि । पुस्तकक स्टाँल, मिथिला चित्रकलाक प्रदर्शनी सेहो एकर आकर्षण रहैत अछि । कार्यक्रमक पहिल दिन शोभा यात्रा जे निकलैत अछि, ओ देखए लायक रहैत अछि । हजारो ओहिमे सहभागि होइत छथि ।
कार्यक्रमक सफलताकेँ लऽ कऽ एकप्रकारसँ चुनौति रहैत अछि, एकटा महोत्सव दोसर महोत्सवक रेकर्ड तोड़ैत अछि । कोना सफल करैत छियैक ? एहिपर ओ कनिक बिहुँसकऽ कहैत छथि, ‘साथी भायसभक सहयोगसँ ।’ ओना सम्मेलनमे जमसेदपुरसँ आएल डा. रवीन्द्रकुमार चौधरी कहैत छथि, ‘महाभारत युद्धमे बरबरिकसँ पुछल जाइत अछि अहाँ कि देखलियैक तँ ओ कहैत छथि पूरे युद्धभूमिमे मात्र कृष्ण रहथि । उएह अर्जूनक गाण्डीव रहथि तँ निकलएवला तीर सेहो उएह, हुनका बाहेक किछु नहि छल, जनकपुरधाम साहित्यकला तथा अन्तर्राष्ट्रिय नाट्य महोत्सवमे कृष्णक भूमिकामे जीवनाथजी देखल जाइत छथि ।’
खर्च कतएसँ म्यानेज हेतैक, बाहरसँ आबएवला लोकसभकेँ स्वागत कोना हेतैक, भीड़ कोना अएतैक, भोजन कोना हेतैक, कोनो प्रकारक बाधा आएल तँ एकर निवारण कोना हेतैक सभक जबाबदेही चौधरीपर रहैत अछि । जखन कोषक भवन बनिरहल रहैत अछि तँ राति–रातिभरि ओ भवनस्थलपर रहैत छथि । छतक ढलाइवला दिन रातिमे घरोपर नहि जाइत छथि ।
जनकपुरधामक बिहारकुण्ड लग कोष आधुनिक सुविधासम्पन्न भवन बना रहल अछि । ७ करोडक लागतमे निर्माण भऽ रहल ओ भवनमे कार्यक्रम करए लेल बड़का हल, पुस्तकालय, आर्ट ग्यालरी, नाटकक प्रशिक्षण आ प्रदर्शन केन्द, सञ्चार गृह रहत । कोष विद्यार्थी केन्द्रित मासिक कथा गोष्ठी कऽ रहल अछि । जाहिमे विद्यार्थीसभक प्रमुख सहभागिता रहैत अछि । ‘ई कथा गोष्ठीक माध्यमसँ लेखक तैयारी करएकेँ हमरसभक योजना अछि,’ ओ कहैत छथि । मातृभाषाक विकासक लेल विभिन्न विचार गोष्ठी, अन्तरक्रिया, कवि गोष्ठी होइत रहैत अछि ।
मैथिली विकासक लेल डा. धीरेन्द्र साहित्य सांस्कृतिक पुरस्कार आ सलहेश कला सांस्कृति पुरस्कार प्रत्येक वर्ष प्रदान कएल जाइत अछि । ५१–५१ हजारक ओ पुरस्कारक अलग महत्व अछि । मैथिलीमे कोष ७ टा महत्वर्पूण पुस्तक प्रकाशित कएलक अछि । चौधरी मिथिला राज्यक लेल सेहो लम्बा समयसँ आन्दोलन करैत आबि रहल छथि ।
मिथिला राज्यक माँग करैत २०६५ बैशाख १८ गते जनकपुरधामक रामानन्द चौकमे भऽ रहल शान्तिपूर्ण धर्ना कार्यक्रममे बम विस्फोट भेल छल जाहिमे ५ गोटे शहीद भेल रहथि तँ २ दर्जनसँ बेसी घाइल भेल छल । शहीद होबएवलामे मिथिला नाट्य कला परिषद्क वरिष्ठ कलाकार रञ्जु झा, सुरेश उपाध्याय, दीपेन्द्र दास, झगरू मण्डल आ बिमल शरण रहथि । ओहि घटनामे चौधरी बाल–बाल बचल रहथि ।
भाषा मानव जीवन सञ्चालनक एकटा प्रमुख माध्यम अछि । भाषाबिना हमरसभक दैनन्दिनी चलए नहि सकैत अछि । भाषा मानव जीवन सञ्चालनक मेरुदण्ड अछि । अहिना मानव इतिहासक पाना पल्टावएकेँ एकटा मुख्य साधन भाषा अछि । जतेक समयसँ भाषाक प्रयोग जानब मानव शुरु कएलक, ओही समयसँ मानव संस्कृतिक प्रादुर्भाव भेल अछि । संस्कृति मानव सभ्यताक प्रमुख आधार अछि । संस्कृतिद्वारा मानव कतेक विकसित अछि से पता चलैत अछि । सभ्य रूपसँ विकसित मानवक संस्कृति सेहो विकसित आ शिष्ट होइत अछि । मानव सभ्यता कतेक विकसित आ सभ्य अछि से छुटियावए वा तुलना करएकेँ आधार अछि संस्कृति ।
भाषिक आ सांस्कृतिक रूपसँ समृद्ध समाजमे साहित्य सिर्जनाक प्रारम्भ होइत अछि । साहित्य बौद्धिक समाजक ऐना अछि । साहित्यद्वारा समाजमे भेल विकृति, विसङ्गति, उत्थान, अवनति, युद्ध, मनोरञ्जन, बौद्धिक, दार्शनिक, सांस्कृतिक आ भाषिक विकासकेँ लिखित वा मौखिक रूपमे समाजक आगाँ आनल जाइत अछि । साहित्य आ इतिहाससँ पहिनेकेँ लोक आ हुनकसभक सभ्यताक विषयमे हमरासभकेँ जानकारी होइत अछि ।
‘एहिकारण हमसभ मुख्य रुपसँ एहिपर काज करैत छी, सभक गोल अछि समाजक विकास,’ चौधरी कहैत छथि । नेपालमे मैथिली भाषा, साहित्य कला संस्कृतिक लेल जे काज होबाक चाही ताहिमे राज्य उदासिन अछि । ओ उदासिनताक तोड़ए लेल हमसभ काज कऽ रहल हुनक दाबी अछि ।
ओ जनकपुरधामक प्रमुख सामाजिक संस्था रामानन्द युवा क्लबक ३ बेर अध्यक्ष आ ३ बेर महासचिव रहि चुकल छथि । हिनक अध्यक्षीय कार्यकाल २०५८ सालसँ २०६४ सालधरि रहल । हिनके नेतृत्वमे क्लबकेँ ४ तल्लाक भवन बनल छल । क्लब मैथिली भाषा, कला, संस्कृतिक संगहि सामाजिक क्षेत्र आ खेलकूदक लेल सेहो काज करैत अछि । ई क्लबक माध्यमसँ मासिक कवि गोष्ठी, अन्तर्राष्ट्रिय स्तरक नाटक महोत्सव, दूबेर सगरराति दीप जरए कथा गोष्ठी, एकबेर जनकपुरधामक कथाकारक उपस्थितिमे कथा गोष्ठी भेल अछि । क्लब मैथिली भाषामे विभिन्न लेखकक ७ टा पुस्तक प्रकाशित कएने अछि । ‘विद्यापति टाइम्स’ पत्रिका सेहो क्लब प्रकाशित कएने छल । मैथिली भाषामे प्रकाशित होबएवला ई पत्रिकाक प्रकाशन अबधिभरि अलग पहिचान छल । विद्यापति स्मृति पदक पुरस्कार सेहो हिनके कार्यकालमे स्थापना भेल अछि ।
क्लवकेँ अपने क्रिकेट टीम, सांस्कृतिक टोली अछि तँ प्रत्येक वर्ष रामानन्द चौकपर दूर्गापूजा करैत अछि । ओ पूजामे सेहो मैथिलीक चर्चित गायकसभकेँ भजन संध्याक लेल बजाओल जाइत अछि । चौधरीक कार्यकालमे क्लब एम्बुलेन्स सञ्चालन कएने छल । विभिन्न विषयमे अन्तरक्रिया, रक्तदान, वृक्षारोपण सहितक महत्वर्पूण काज कएने अछि । क्लब जनकपुरधाममे दूटा शौचालय आ दूटा प्रतीक्षालय बनौने अछि । रामजानकी विवाहपञ्चमी, रामनवमी सहितक उत्सवसभमे शिविर रखथि अछि जाहिमे निःशुल्क भोजन सहितक काज करैत अछि । ‘बाढि़ पीडि़त, अग्नि पीडि़तक राहत वितरणमे सेहो हमसभ अगे रहैत छी,’ ओ कहैत छथि ।
दोसरकेँ सहयोग करब हिनक प्रवृति जकाँ अछि । ओ स्वयं स्वीकार करैत छथि, ‘जखन विद्यालयमे पढ़ैत रही पाकेट खर्च ४ अना भेटैत छल, ओहिमेसँ दू अनाकेँ अपने खाइत छलहुँ आ दू अनाकेँ साथी भायसभकेँ खुअबैत छलहुँ ।’ एखनो ककरो बेटीक विवाह भेल ताहिमे सहयोग करैत रहैत छथि, पढ़ाइमे, अस्पतालमे गरीबसभकेँ थोरबहुत सहयोग करैत रहैत छथि । ओ स्वयं कहैत छथि, ‘समाजकेँ आगाँ बढ़ावए लेल टांग नहि, हाथ खिचए पड़लैक ।’
एकटा दार्शनिक कहने छथि – समस्त जीबमे मनुष्य सर्वश्रेष्ठ बताओल गेल अछि, कारण ओकरा लग आत्मविवेक आ आत्मज्ञान अछि ।
चौधरीक जन्म २०२७ साउन ४ गते महोत्तरी जिलाक जलेश्वर नगरपालिका ६ बासोपट्टीमे भेल अछि । हिनक माताक नाम शान्ति देवी आ पिताक नाम रामदेव चौधरी अछि । ओ दू भाय छथि । हिनक छोट भाय रामविनोद चौधरी होटेल व्यवसायीक संगहि लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टीसँ आबद्ध छथि । पत्नीक नाम आरती शर्मा अछि । २०५१ सालमे हिनक विवाह भेल छल । जीवनमे आरतीक एलाक बाद प्रगति शुरु भेल चाह चर्चाक क्रममे ओ स्वयं स्वीकार करैत छथि । २०५३ सालमे तत्कालीन जिला विकास समिति धनुषामे लेखापालक रुपमे हिनक नियुक्ति भेल छल । ओ समितिमे २०५३ सालसँ २०७० धरि काज कएने छथि । कनियाँ सेहो शिक्षक छन्हि । ओ सीताराम राष्ट्रिय प्राथमिक विद्यालय अरगज्जासर पोखरी जनकपुरधाम १० मे शिक्षिका छथि ।
अपने भलहि अन्तरस्नातकधरिक पढ़ाइ कएने होइथ मुदा हिनक तीनटा संतानमे दूटा चिकित्सक भऽ चुकल अछि तँ एकटा पढि़ रहल अछि । हिनक पुत्र प्रशान्त महारानी लक्ष्मीबाइ मेडिकल काँलेज झाँसी, उत्तरप्रदेश भारतसँ एमबिबिएस कएने अछि । तँ बेटी पल्लवी नोबेल मेडिकल काँलेज विराटनगरसँ एमबिबिएस कएने अछि आ छोट बेटी एमबीबीएसमे गभर्मेन्ट मेडिकल काँलेज जलगांव महराष्ट्र, भारतमे एखन पढि़ रहल अछि । ‘भलहि अपने पढ़ाइकेँ निरन्तरता नहि देलहुँ मुदा पढ़ाइकेँ महत्व बढि़या जकाँ बुझैत छियैक तँए धियापुताक पढ़ाइ प्रति शुरुएसँ गम्भीर रहलहुँ, तकरे प्रतिफल धियापुतासभ पढ़ाइमे बढि़या कऽ रहल अछि,’ ओ कहैत छथि ।
मैल्कम कहने छथि – शिक्षा भविष्यक पासपोर्ट अछि, कारण आबएवला काल्हि हुनकर अछि जे ओकरा लेल आइएसँ तैयारी करैत अछि । जॉन डेवी कहैत छथि – शिक्षा जीवनक तैयारी नहि अछि, शिक्षा स्वयं जीवन अछि ।
चौधरी एक कक्षासँ १० कक्षाधरि जनकपुरधामक जानकी माध्यमिक विद्यालयमे पढ़ने छथि । हिनक एसएलसी ब्याच २०४३ अछि । अन्तरस्नातक रामस्वरुप रामसागर बहुमूखि क्याम्पस जनकपुरधामसँ कएने छथि । ‘स्नातकक पढ़ाइ सेहो शुरु कएने रही मुदा तेसर वर्षमे बैक लागि गेल, फेर पढ़ाइकेँ निरन्तरता नहि दऽ सकलहुँ,’ ओ कहैत छथि ।
व्यवसायमे सेहो हिनक अलग पहिचान अछि । जनकपुरधामक प्रमुख होटेल सीता प्यालेसक सञ्चालक संगहि मैक प्लाष्टिक फैक्ट्री सेहो हिनक छन्हि, जाहिमे पानिक बोतल बनए संगहि पानिक बिक्री सेहो होइत अछि । ओना व्यवसाय हिनक पैत्रिक पेशा अछि । हिनक पिताकेँ २०३४ सालमे किरानाक दोकान रहन्हि ।
तीनटा बच्चा चिकित्सा क्षेत्रमे लागि गेल छन्हि, जल्दीए जनकपुरधाममे सुविधा सम्पन्न नरसिंह होम सञ्चालन करएकेँ तैयारीमे सेहो छथि । कोनो शहरमे शिक्षा, स्वास्थ्य आ टुरिजमवला क्षेत्रमे लगानी नहि डुबैत अछि, ओकर माँग सदति होइतए रहैत अछि । ओ स्वयं कहैत छथि, ‘व्यवसाय बन्द करए लेल थोरही होइत छैक ।’
हिनक एकटा खूबी अछि आलोचनाकेँ सेहो सहजे स्वीकार करैत छथि । एकटा दार्शनिक कहने छथि – यदि अहाँ मधक खोजमे निकलल छी तँ मधमाछीकेँ काटब स्वीकार करु । दोसर दार्शनिकक विचार सेहो हिनका लेल महत्व रखैत अछि ओ कहैत छथि – अपन जीवनमे आलोचना आ प्रशंसा दुनूकेँ स्वीकार करु कारण एकटा फूल तखने बढि़या ढंगसँ फुलाइत अछि जखन वर्षा आ रौद दुनू भेटैत अछि !
हिनक लोकप्रियताक झलक हिनक संकटक समयमे सेहो देखल गेल छल । एकबेर हिनका उपर गोली प्रहार भेल छल । ई गम्भीर घाइल भेल रहथि, हिनक उपचार जनकपुरधाममे सम्भव नहि भेलाक बाद काठमाण्डू लऽ जाए लेल हेलिकप्टर आएल छल । हेलिकप्टर आएल समयमे रंगभूमि मैदान पूरे भरि गेल छल । बहुतो लोक कानि रहल छल । ई अवस्था ओहिना नहि भेल हेतैक, ई सेहो बहुतोकेँ संकटमे ठाढ़ भेल हेता ।

 

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