Home / हम्मर आवाज / धनुषामे घरेलु हिंसाक कारण दिनप्रति दिन महिलासभ प्रताडित भेल करैत छथि । घरेलु हिंसा धनुषामे निर्मूल होबए नहि पाबि रहल अछि । एहिके निर्मूल करबाक लेल कि करबाक चाही एहि सम्बन्धमे हमरसभक सहकर्मी सोहन ठाकुर आ शम्भु प्रसाद शाह प्रेमी पुछने छलथि ।

धनुषामे घरेलु हिंसाक कारण दिनप्रति दिन महिलासभ प्रताडित भेल करैत छथि । घरेलु हिंसा धनुषामे निर्मूल होबए नहि पाबि रहल अछि । एहिके निर्मूल करबाक लेल कि करबाक चाही एहि सम्बन्धमे हमरसभक सहकर्मी सोहन ठाकुर आ शम्भु प्रसाद शाह प्रेमी पुछने छलथि ।

महिला हिंसा अखनोके समयमे निर्मूल नहि हएब बहुत चिन्ताक विषय अछि । पुरुषक सफलताक पाछा महिलाक हात होइत अछि ई बात बुझितो लोक किए एना करैत अछि नहि बुझल अछि । ओहन व्यक्तिके कानूनी दायरामे आनए पडत ।
गायत्री मिश्र
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घरेलु हिंसाक कारण महिलासभके प्रताडित करब जेना सामान्य भऽ गेल अछि । एहि के निर्मूल करबाक लेल जनस्तरमे जनचेतना जगाएब आवश्यक अछि । बाल विवाहके परम्परा के मिटाएब सेहो आवश्यक अछि ।
विनिता साह
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घरेलु हिंसाक कारण महिलाके प्रताडित करएके पाछा मूख्य कारण महिला सभ अपना उपर होबएबला अन्याय बिरुध आवाज नै उठबैत छ्थी । महिला सभके एकजुट भऽ कऽ ओ अन्याय विरुद्ध लडए परत । तखने महिला सभ उपरके अन्यायमे कमी आओत ।
सुजिता शर्मा
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नेपालमे कानून कागजमे मात्रे सीमित रहलाक कारण एहन भयावह स्थिति आएल अछि । महिलाक हकहितके लेल काज करएबला संघ संस्था सभ कमाएके वर्तन बनौने अछि । ओहन संघ संस्था सभके सचमे महिलाक हकमे गाम गाम जा कऽ काज करबाक चाही ।
पूजा कश्यप
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अखनो समाज स बाल विवाह निर्मूल नै भेल अछि । जेकर परिणाम इ घरेलु हिंसा भेल करैत अछि । घरेलु हिंसा रोकबाक लेल जन जनमे शिक्षाक चेतना बढाबए पडत । यदि अतेक हएत तखन मात्रे किछु आश अनुरुप परिवर्तन आओत ।
रेमन्त ठाकुर
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घरेलु हिंसा के कारण धनुषा सहितक जिल्ला नाम बदनाम अछि । इ बात दिस सभ किओके ध्यान जाएब अति आवश्यक अछि । संगहि घटनाके नुकाबए के प्रवृती सेहो हटाबए पडत ।
शिषिर झा

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