मैथिली कविताः सूर्यदेवक पूजा

Byदूधमती साप्ताहिक

९ मंसिर २०८०, शनिबार १२:३७ ९ मंसिर २०८०, शनिबार १२:३७ ९ मंसिर २०८०, शनिबार १२:३७

♦ राकेशकुमार झा ‘रसिक’

हरियरीसँ भरल अछि खेत खरियान ।
खुशी रहैत अछि जमीन किसान ।
सूर्यदेवसँ अछि हरियाली ।
सूर्यदेवसँ अछि खुशियाली ।
नसानसामे सूर्यदेवक उर्जा ।
मिथिलाञ्चलमे सूर्यदेवक पूजा ।।

मानव जीवनक सूर्य देव रक्षक ।
भूलोकक अछि प्रेरक दीपक ।
सूर्यविना तँ कतए मानव जीवन ।
सूर्यसँ वनल अछि पृथ्वीपावन ।
नसानसामे सूर्यदेवक उर्जा,
मिथिलाञ्चलमे सूर्यदेवक पूजा ।

नवजीवनक नवलभोर ।
मन भेल अत्यन्त विभोर ।
अस्तायल सूर्यक अर्घ दैत,
उगल सूर्यक अर्घ दैत,
नसानसामे सूर्यदेवक उर्जा,
मिथिलाञ्चलमे सूर्यदेवक पूजा ।

जनकपुरधाम–२०

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