मैथिली कविता – कहु मिथिला कोना नै महान हेतै

Byदूधमती साप्ताहिक

११ कार्तिक २०८०, शनिबार १२:५६ ११ कार्तिक २०८०, शनिबार १२:५६ ११ कार्तिक २०८०, शनिबार १२:५६

 शिवानी मिश्र

जतए विद्यापतिक उगना जान हेतै
कहु मिथिला कोना नै महान हेतै ।
प्रकट भेलीह जतह जगदम्बा
हुनक स्वामी श्रीराम हेतै
कहु मिथिला कोना नै महान हेतै
गाइरह जतएकें सम्मान बनैए
कुश्मा सलहेशक फूल फूलैय
पान सुपारीसँ विदाई हेतै
कहु मिथिला कोना नै महान हेतै
दया भाव सभक मन मनमे
प्रेम गमकैया मिथिलाक वनमे
सुगाक कण्ठसँ वेदक गान हेतै
कहु मिथिला कोना नै महान हेतै

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