चाह चर्चाः प्रदेश सांसद रामअशिष यादवसंग

Byदूधमती साप्ताहिक

१० कार्तिक २०८०, शुक्रबार ०१:४८ १० कार्तिक २०८०, शुक्रबार ०१:४८ १० कार्तिक २०८०, शुक्रबार ०१:४८ ,

पुनः मिडिया क्षेत्रमे आबी कहिओ मनमे नहि होइत अछि ? एहिपर

चाह चर्चाक क्रममे सांसद रामअशिष यादव कहैत छथि, ‘लेखन तँ हमर जीवन अछि, एहिसँ दूर नहि भऽ सकैत छी । सामाजिक सञ्जालमे अपन बात लिखतए रहैत छी । घरोमे पुस्तक लेखनसभपर काज कऽ रहल छी । जहाँधरि सक्रिय पत्रकारिताक बात अछि एखन जनता दोसर दायित्व देने अछि, ओकर जिम्मेवारी निर्वाहनमे लागल छी ।’

 सुजीत कुमार झा

जितियामे भगवान जितवाहनके तील खरी चढ़ाओल जाइत अछि । ओहिदिन जनकपुरधामक गंगा सागरमे महिलासभक भीड़ लागल छल । तिल खरी आ झिमनीक पातसँ किछुए देरमे पूरे गंगा सागर भरि गेल छल । मुदा प्रदेश सांसद रामअशिष यादवक नेतृत्वमे युवासभक एकटा टोली आएल, किछु घण्टामे पूरे पोखरि सफाइ भऽ गेल ।
ओहिसँ पहिने सोलह श्राद्ध शुरु भेल छल । ओहुदिन किछु एहने अवस्था गंगा सागरके भऽ गेल छल मुदा फेर उएह टोली सम्पूर्णके सफाइ कएने छल । छठि होइक वा अन्य पावनि स्वभाविक छैक जखन घाटपर पूजा होइत छैक तँ ओ गन्दा हेबए करतैक मुदा रामअशिषजीक रहैत सफाइमे समय नहि लगैत अछि ! गंगा आरती शुरु होवएसँ किछु महिना पहिने अर्थात २०७० सालसँ लगातार गंगा सागरमे सफाई अभियान ओ चला रहल छथि ।
फोटो खिचावए लेल नहि, पूरा तन्मयताक संग हिनक अभियान चलि रहल अछि । एकटा सांसद एहनो काज कऽ सकैत अछि सहजे कल्पना करब मुस्किल अछि मुदा रामअशिष सनक जीबट लोकेसँ ई सम्भव भऽ रहल अछि ।
एहि धरतीक सम्पूर्ण प्राणी तथा वनस्पतिक क्रियाकलापमे पर्यावरणमे विद्यमान असन्तुलनसँ प्रत्यक्ष वा परोक्ष रूपसँ प्रभाव पारैत अछि । ताहिकारणेँ विभिन्न प्राणी तथा वनस्पतिक अस्तित्वक लेल पर्यावरणक बहुत महत्व अछि । जकरा ओ बहुत बढि़या जकाँ बुझि रहल छथि ।
वस्तुतः मानव जातिक सुख–समृद्धिक लेल आर्थिक तथा सामाजिक विकासक जे जतेक महत्व अछि ओहिसँ बेसी पर्यावरणक महत्व अछि, किए तँ एकर संरक्षणसँ मानव जाति, वनस्पति आ पशुपन्छीक संरक्षण भऽ आन्तरिक पर्यटनक माध्यमसँ स्थानीय जनताक जीवनस्तर उठाओल जा सकैत अछि । विश्वमे हरेक देशक योजनाकार आ नीति निर्मातासभ पर्यावरणके प्रभाव पारएवला तत्वसभके पहिचान कऽ मात्र निर्णय लेने तथा विकास योजना बनावएके अवस्थामे पहुँचल अछि । ई परिणाम विगतमे हमसभ पर्यावरणप्रति कएने बेवास्ताक फल अछि ।
सांसद यादवक नेतृत्वमे वृक्षारोपण, सफाइ, पोलिथिन झोड़ामुक्त शहरक लेल जनचेचनामूलक कार्यक्रमसभ चलि रहल अछि । ‘एहि कार्यक्रममे दर्जनो व्यक्ति छथि, नेतृत्व हम करैत छी तँए हमरे काज बुझाइत अछि मुदा एहिमे हमरासँ बेसी काज करएवला हमरा टिमक बहुत लोक लागल छथि,’ ओ कहैत छथि ।
जखन गंगासागरमे सफाइ अभियान ओ शुरु कएने रहथि ओहि समय डम्पीगं साइट जकाँ ओ बनल छल मुदा युवा जमात लऽ कऽ पहिने ओ अपने गंगासागरमे प्रवेश कएलन्हि फेर सयौ युवा, महिला, नेपाल प्रहरी, सशस्त्र प्रहरी, नेपाली सेना सभ लागल छल । विना बजेटके सेहो एकटा पर्यटकीय स्थल बनाओल जा सकैत अछि, ई उदाहरण गंगा सागर बनल अछि ।
ई अभियान कोना शुरु भेल ? चाह चर्चाक क्रममे ओ कहलन्हि, ‘ब्रह्मकुमारी राजयोग सेवा केन्द्रक प्रमुख कार्यालय भारतक राजस्थान स्थित मधुवनक माउन्ट आबू गेल रही, ओहिठाम सफाइ आ सरोवरक सौन्दर्यीकरणसँ बहुत प्रभावित भएलहुँ । ओतहि लागए किओ कहि रहल अछि अहुँ जनकपुरधाममे एहन सफाइ शुरु करु मुदा हिम्मत नहि भऽ रहल छल, कोना शुरु करी ! जखन भारतक प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी अपन संसदीय क्षेत्र वाराणसीक अस्सिघाटसँ सफाइ अभियान शुरु कएलन्हि आ भारतमे जतए ततए सफाइ होबए लागल हमहुँसभ सफाइ शुरु कऽ देलहुँ ।’
एखन गंगा सागरमे सफाइ मात्र नहि भेल अछि, दैनिक साँझमे आरती होइत अछि । संगीतप्रधान ओ आरती देखबाक लेल पर्यटकसभके भीड़ लागल रहैत अछि । जनकपुरधाम आवएवला पर्यटकसभ जानकी मन्दिर, राम मन्दिरक बाद गंगा आरती देखबाक सभसँ बेसी इच्छा रखैत अछि । एहिठाम एकसंग गंगा माता, भोलेबाबा आ जानकी मैयाके आरती होइत अछि । तीनटा पण्डित एकसंग कऽ रहल दृश्य अद्भूत लगैत अछि । २०७१ सालसँ लगातार आरती होइत आएल अछि ।
रामअशिषजी धनुषा निर्वाचन क्षेत्र नं. २ (ख) सँ लगातार दूबेर प्रदेश सांसदमे निर्वाचित भेल छथि । जनकपुरधाम उपमहानगरपालिका वडा नम्बर १७ कनकपट्टी घर भेल हुनक माताक नाम दौलतिया देवी आ पिताक नाम रामलखन यादव अछि । भाइबहिनमे ओ सभसँ छोट छथि । हिनक जन्म २०२६ साल चैत १५ गते भेल छल । हिनक जेठका भैया भागिरथ यादव पंचायतकालमे कनकपट्टीक प्रधानपञ्चमे निर्विरोध निर्वाचित भेल रहथि । प्रजातन्त्र एलाक बाद हिनक दोसर भैया परमेश्वर यादव ओ गाउँपालिकाक एकबेर निर्विरोध अध्यक्ष आ एकबेर निर्वाचित अध्यक्ष भेल रहथि । कनकपट्टी नगरपालिका भेलाक बाद परमेश्वर वडाध्यक्ष सेहो भेल छथि ।
हिनका जीनमे राजनीति अछि जेना लगैत अछि । एहिपर ओ अपने कहैत छथि, ‘जीन तँ नहि कहिओ मुदा राजनीति बुझएमे सहज भेल अछि । भैयासभ गामक प्रमुख भेलाक कारणेँ स्वभाविक छैक हमरा घरपर कोनो नहि कोनो विषयके लऽ कऽ बरावर पञ्चयती होइत छल, ओहिमे नहिओ बैसलहुँ एकरबादो बहुत जानकारी भऽ जाइत छल । चुनाव प्रचार कोना कएल जाइत अछि, जनताक समस्या कोना समाधान कएल जाइत अछि बुझएमे सहज भेल फेर अहिना अहिना अस्थिरे–अस्थिरे राजनीति दिस ईच्छा बढ़ैत गेल ।’
रामअशिष २०४६ सालक जनआन्दोलन, २०६२–०६३ सालक आन्दोलन आ मधेश आन्दोलन १ आ २ मे सेहो सहभागि भेल छथि । ‘सांसद बनए लेल ओहि आन्दोलनमे सहभागि भेल छलहुँ तेहन नहि छैक, अधिकारक आन्दोलन छलैक एकर आवश्यकता छैक इएह बुझैत छलहुँ आ एहिमे लागि जाइत छलहुँ,’ ओ कहैत छथि ।
एक समय छल राजनीतिसँ ओ बहुत दूर चलि गेल रहथि । काभ्रेक श्री बाघोदेवी माध्यमिक विद्यालय ज्याम्दीमे दू वर्ष अंग्रेजी शिक्षकक रुपमे काज कएने रहथि । मुदा हिनका जनकपुरधाममे इतिहास जे रचवाक छलन्हि फेरसँ एतए घूरि एलथि । एहिठाम रेडियो नेपाल, इमेज च्यानल टिभि, नेपाल टेलिभिजनमे सहित पत्रकारिता क्षेत्रमे करीब २० वर्ष काज कएलथि । जनकपुरधामसँ सञ्चालित जनकपुर एफएम, तहलका नेपाल, जनकपुर टिभिक सञ्चालक सेहो रहि चुकल छथि । शिक्षण पेशासँ जनकपुरधाममे सेहो जुड़ल रहलथि । मधेश आन्दोलनमे आन्दोलनक पक्षमे काजक लेल जनकपुर एफएमक महत्वपूर्ण भूमिका रहल छल ।
२०६७ सालमे नेपाल पत्रकार महासंघक अध्यक्षमे ओ निर्वाचित भेल रहथि । कोविडक बाद पत्रकारक अवस्था बहुत खराब भऽ रहल अछि । दर्जनो मिडिया बन्द भेल अछि, दर्जनो पत्रकारके पलायनक अवस्था अछि, एकरबादो सरकार तँ मौन अछिए अपने सेहो मौन छी एना किए ? एहिपर ओ संयुक्त सरकारके दोष दैत छथि ! ‘संयुक्त सरकारके बहुत बाध्यता होइत छैक जकरा शब्दमे वर्णन् नहि कएल जा सकैत अछि । ओना प्रदेश सरकार मिडिया काउन्सिल, मिडिया प्राधिकरण गठन कएने अछि ओहिके माध्यमसँ थोरबहुत काज भऽ रहल छैक । स्वास्थ्य विमा शुरु कएलक अछि, एकद्वार प्रणाली अन्तर्गत विज्ञापन देबएके बात चलि रहल अछि । मुदा एतवए प्रयाप्त नहि छैक । मिडियाक सुरक्षा सहित एकर विभिन्न समस्याक सम्बन्धमे संसदमे हम उठवितए रहैत छी, पत्रकारसभके धैर्य रखबाक चाही स्थितिमे परिवर्तन एतैक,’ ओ कहैत छथि ।
दू दशक पत्रकारिता कएने व्यक्ति पुनः मिडिया क्षेत्रमे आबी कहिओ मनमे नहि अबैत छन्हि ? एहिपर चाह चर्चाक क्रममे ओ कहलन्हि, ‘लेखन तँ हमर जीवन अछि, एहिसँ दूर नहि भऽ सकैत छी । सामाजिक सञ्जालमे अपन बात लिखतए रहैत छी । घरोमे पुस्तक लेखनसभपर काज कऽ रहल छी । जहाँधरि सक्रिय पत्रकारिताक बात अछि, एखन जनता दोसर दायित्व देने अछि ओकर जिम्मेवारी निर्वाहनमे लागल छी ।’
प्रदेश सांसद भेलाक बाद इजोत अभियान अन्तर्गत निःशुल्क ट्युशन सेन्टर, वातावरण मैत्री विद्यालय अन्तर्गत विद्यालयमे वृक्षारोपण, स्वास्थ्य शिविर, गर्भवती नारी सम्मान, किसान सम्मान, शिक्षक प्रोत्साहन कार्यक्रम अभियान चला दोसर नेतासँ अपनाके अलग पहिचान बनौने छथि । विद्यालयसभमे एखनो जा कऽ पढ़बैत रहैत छथि । स्काउट आ रोटरी क्लवमे ई सेहो लागल रहथि । रक्तदानक लेल उत्प्रेरणा जगावएके काज सेहो कऽ रहल छथि । खेलकूद क्षेत्रक लेल सेहो ई काज करैत रहैत छथि । जखन विद्यालयमे पढ़ैत रहथि, ओहि समय भलिवल, हाइजम्प, लंगजम्प, जैवलिंग थ्रो, एथलेटिक्सक प्रतियोगिता सभमे भाग लऽ पुरस्कार जित्ने छथि । स्वभाविक छैक एकटा खेलाडी भेलाक कारणेँ एकर विकास करबाक हिनक प्राथमिकतामे रहैत अछि ।
पुरस्कारक जहाँधरि बात अछि तँ विद्यापति सेवा संस्थानद्वारा भारतक दरभंगामे मिथिला विभूति सम्मान, पोखरामे स्रष्टा सम्मान, मधेश प्रदेशसभाक उत्कृष्ठ सांसद पुरस्कार, सरस्वती राजनारायण प्रतिष्ठानद्वारा सम्मान, मधेशी पत्रकार समाजद्वारा मधेश हिरो सम्मान, जनकपुरधाम उपमहानगरपालिका, जनकपुरधाम उद्योग वाणिज्य संघ सहित विभिन्न सरकारी निजिसंस्थाद्वारा सेहो हिनका सम्मान कएल गेल अछि ।
अपनाके राजनीतिकर्मी वा समाजसेवी कहनाइ बेसी पसिन करैत छथि ? जिज्ञासामा ओ कहैत छथि, ‘समाज रुपान्तरण कोना होइक ताहिमे सभके लागए पड़लैक एकरे प्राथमिकताके आगाँमे राखि अपने काज करैत छी । महात्मा गान्धी, नेशनल मण्डेला भलहि राजनीतिके महत्वपूर्ण व्यक्ति छलाह मुदा जनताक नजरिमे सामाजिक कार्यकर्ता रहथि । हरेक समय कोना समाजक उत्थान होइक गरीबी हटैक, अशिक्षा हटैक ताहिमे ओसभ लागल रहथि, हम हुनके सभक पथपर चलएवला लोक छी ।’
हिनक एहि अभियानमे पत्नी उषा यादवक बहुत महत्वपूर्ण योगदान अछि । हरेक समय ओ हिनक अभियानमे वल दैत छथि । घर व्यवस्थापन, अतिथि सत्कार, धियापुताक पढ़ाइक अतिरिक्त हिनक अन्य काजसभमे सेहो सहयोगिक रुपमे हरेक समय ओ तैयार रहैत छथि । हिनक दू पुत्र आ दू पुत्री अछि ।
ओ कहैत छथि, ‘दम्पतिक अर्थ होइत अछि रथक दू पहिआ, स्वभाविक छैक जीवनके गति देबाक लेल दुनू पहिया चाहबए करी । ओना घरक अन्य परिवारिक सदस्य, जनकपुरधामक वौद्धिक वर्ग, व्यापारी, पार्टी कार्यकर्ताक योगदानके सेहो नजरअन्दाज नहि कएल जएबाक चाही । हुनकासभक सहयोगेसँ हम आगाँ बढि़ रहल छी वा ई कही समाजक लेल काज करैत छी ।’
पार्टीक बैसार, आमसभा आ मधेश प्रदेश सभामे बात विचार तर्कपूर्ण रखैत छथि । शालिनता, सादगी आ सौम्यताक प्रतीक मधेश प्रदेश सभामे लोकप्रिय रहल सांसद यादवक सदनमे तर्कपूर्ण विचारसँ सता पक्षक संगहि प्रतिपक्ष सेहो पसिन करैत अछि ।
जखन मधेश प्रदेशमे सरकार बनैत अछि तँ मुख्यमन्त्रीक दौड़मे हिनको नाम रहैत छन्हि मुदा पार्टी मन्त्रीओ नहि बनवैत छन्हि । ओ स्वयं कि सोचैत छथि ? चाह पिवैत सांसद यादव कहैत छथि, ‘ई सोचएके काज पार्टीक छैक, हम तँ कार्यकर्ता छी । पार्टी जाहि भूमिकाक लेल खोजैत अछि, टमटमक घोड़ा जकाँ लागल रहैत छी ! मुदा इहो बात सही अछि, समाज रुपान्तरणक लेल कार्यकारी पद महत्वपूर्ण छैक ।’
समाज रुपान्तरणके आओर स्पष्ट करैत ओ कहैत छथि, ‘जखन बजेट निर्माण होइत अछि, किसानके देखिकऽ बजेट बनएबाक चाही । गरीबी समाप्त करबाक रोडमैप चाही, तखने परिवर्तन हेतैक । नीक नेताके स्थान देबएमे चुक तँ भऽ रहल छैक । नेतृत्वके जस–अपजस दुनू लेबए पड़तैक !’
सफलता प्राप्त करए बाहरसँ बेसी स्वयंके देखएके खूबी लोकके विकास करए पड़त । जखन लोक स्वयंके चिन्हए सकत आ ओ ऊर्जाके जगा कऽ राखत, तँ ओकरा लेल कोनो चीज असम्भव नहि होइत अछि । हरेक बाहरी चीज स्फूर्त ढंगसँ प्राप्त होबए लागत । मात्र बाहरी उत्प्रेरणाक पाछाँ लगलासँ ओ प्राप्त नहिओ भऽ सकैत अछि । सफल लोकक जीवन देखलापर ई अनुभव कएल जा सकैत अछि । गान्धी आ लिङ्कन इतिहासक दूटा बड़का पात्र छथि, जे पैसाके अपन जीवनमे कहिओ महत्व नहि देलन्हि । मुदा आश्चर्य अछि, हुनकेसभक फोटो पैसामे आएल । ताहिकारणेँ जखन लोक अपन मूल लक्ष्य प्राप्त करैत अछि, दोसर सभ बाहरक चीज स्वयंं लोकक जीवनमे आबएके शुरु भऽ जाइत अछि ।
लोकक सभसँ बड़का मित्र वा शत्रु ओ स्वयं छथि । हमसभ सभसँ बेसी स्वयंसँ बात करैत छी । ताहिकारणेँ अहाँं स्वयंसंग कि बात करैत छी, ओे अत्यन्त महत्वपूर्ण होइत अछि । जखन लोक स्वयंसंग सकारात्मक बात करैत अछि, ओ ऊर्जावान् होइत अछि । जखन नहि हएत, होबही नहि सकत, बढ़ कठिन छैक जेहन नकारात्मक बात करैत अछि तखन ओ निराश होइत अछि आ जीवनक प्रेरणा सेहो हेराए लगैत अछि । तँए जानकारसभ कहैत छथि – सकारात्मक रहबाक चाही ।
जनकपुरधामके कोन ढंगसँ विकास कएल जाए एहिपर किए नहि आमसहमति बनि पाबि रहल अछि, एहिमे स्वयं सांसद रामअशिष जी ककरा दोष दैत छथि ? एहिपर ओ कहैत छथि, ‘आरोप प्रत्यारोपसँ समस्या समाधान नहि हएत मुदा इहो सत्य अछि हम केहन जनकपुरधाम बनावए चाहैत छी, एकर रोडमैप तँ बनावही पड़त । एकटा जानकी मन्दिरमे संघीय सरकार सेहो काज करैत अछि प्रदेश आ स्थानीय सेहो । फेर ओतए कि करबाक अछि ताहिपर कोनो विमर्श नहि होइत अछि । भारतमे पौराणीक शहरसभके कोना विकास कएल गेल छैक ओहिसँ शिक्षा लेबए पड़त । अयोध्या आ वनारस उदाहरण अछि । नगरपालिकाके नयाँ रिंगरोडक लेल काज करए पड़त ।’
रिंगरोडक लेल ककरोसँ पुछएके आवश्यकता नहि अछि, काज आगाँ बढ़ाकऽ रोड तँ निकालु एकरबाद दाता खोजल जएतैक मुदा सभ प्रतीक्षेमे अछि, एक दोसराक मुँह ताकि रहल अछि एकर उत्तर किनको लग नहि अछि !
जनकपुरधामके वैवाहिक गन्तव्य स्थलक रुपमे विकास करबाक किछु काज आगाँ बढ़ल अछि । एहि काजमे रामअशिषसन नेतासभ सेहो लागल छथि । सामुहिक विवाह, रामजानकी विवाहपञ्चमीसन उत्सवसभ बहुत प्रभावकारी भऽ रहल अछि । धार्मिक पर्यटनक विकासमे सेहो ओ सदति लागल रहैत छथि । ओ स्वयं वर्षो पहिने टुरिष्ट गाइडके प्रशिक्षण लेने रहथि । धनुषाधामके नमूना जंगल बनावएके अभियानमे सेहो ई लागल छथि । जनकपुरधाम क्षेत्रमे रहल ५२ कुटी ७२ कुण्डक धार्मिक, सांस्कृतिक तथा पर्यटीय विकास आवश्यक अछि उल्लेख करैत ओ आगाँ कहैत छथि, ‘रामायणकालीनक जीवन्त अवशेष धनुधामधाम जंगलक धनुष जैविक उधानक रुपमे विकसित करबाक आवश्यकता अछि ।’
ऐतिहासिक दूधमती नदीके पुनः उत्खनन कऽ पर्यावरण मैत्री दूधमती नदी कोरिडोर बनावएके ओ माँग करैत छथि । नदीक किछार पर वातावरण मैत्री जनक, अष्ट्राबक्र, कपिल, वशिष्ट आश्रम कुटीक रुपमे निर्माण कऽ सञ्चालन करबाक हुनक सुझाब रहल अछि । ऐतिहासिक परशुराम तलाउक धार्मिक, सांस्कृतिक आ पर्यटकीय तपस्याधाम स्थलक रुपमा विकसित करबाक सेहो ओ माँग करैत छथि । प्राचीन मणिमण्डप रानीबजार मुजेलियाक सनातन संस्कृतिकके ध्यानमे रखैत सामूहिक वैवाहिक स्थलक रुप विकास करबाक अभियानसँ सेहो ओ जुड़ल छथि ।
चाह चर्चाक एकटा दार्शनिकक विचारसँ अन्त्य करए चाहैत छी – सेंटसँ कपड़ामे सुगन्ध आएब कोनो बड़का बात नहि अछि, मजा तँ तखन अबैत अछि जखन अहाँक चरित्रसँ गमक अबैक । चरित्रवान नेताक एखन आवश्यकता अछि । एकटा रामअशिष भेलासँ मात्र नहि, एकर फौज वनावए पड़त ।

लेखक बारे