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मैथिली साहित्य

काज करएबलाके पुरस्कार स्वीकारोक्ति होइत अछिः सुनिल मल्लिक, संगीतकार एवं गायक

मिथिलाञ्चलक चर्चित संगीतकार एवं गायक सुनिल मल्लिकके मैथिली विकास कोष सलहेश संस्कृति पुरस्कार प्रदान कएलक अछि । मिथिला नाट्य कला परिषदक पूर्व अध्यक्ष सेहो रहल मल्ल्कि पुरस्कृत भेलाक बाद केहन महशुश कऽ रहल छथि आ अन्य समसामयिक विषयमे हुनकासंग दूधमतीक सम्पादक सुजीत कुमार झा बातचित कएलन्हि । प्र. सलहेश संस्कृति …

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मैथिली कबिताः बिजुली पंखा

–चन्द्र मोहन झा पड़वा रविक रश्मि केर तेज प्रतापेँ तन मन भऽ गेल अछि बेजान । राति–दिन किछुओ नहि बुझए मच्छर प्रकोप लऽ लेलक जान ।। बिजुली खम्हा गड़ा रहल छै चकमक हेतै सौँसे गाम । हम घरमे कोना कऽ रहबै टप–टप देहसँ चुबए घाम ।। दुपहरमे माँजी चलि जाइत …

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मोदीसँ सहयोग नहि हुनकर पूजा सफल होइक से उद्देश्य मात्र छलः रामरोशन दास वैष्णव, उत्तराधिकारी महन्थ जानकी मन्दिर

भारतीय प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीक जानकी मन्दिरक पूजाक मूल संयोजक रामरोशन दास वैष्णव छलथि । भव्य रुपसँ मन्दिरमे कार्यक्रम सम्पन्न भेलाक बाद हुनक चर्चा नगरमे जोडसँ भऽ रहल अछि । जानकी मन्दिरक उत्तराधिकारी महन्थ सेहो रहल रामरोशनजी संग दूधमतीक सम्पादक सुजीत कुमार झा बातचित कएलन्हि । प्र. जानकी मन्दिरमे भारतीय प्रधानमन्त्री …

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मिथिलामे होरीक आकर्षण

–सुजीत कुमार झा । ऋतुसभक राजा ‘वसंत’मे मनाओल जाएबला होरी मिथिलांचलक महत्वपूर्ण पावनि अछि । वसंत ऋतु शीत ऋतुके बाद अबैत अछि । मिथिलांचलमे होरी फागुन महिनाक पूर्णिमाक एक दिनक बाद मनाओल जाइत अछि । रंगक उत्सव कहल जाएबला ई पावनि पारम्परिक रूपसँ दू दिन मनाओल जाइत अछि । पहिल …

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मैथिली गीतः विरहीन के फगुआ

काली कान्त झा ” तृषित” अछि फागुन दारूण दुख दाता। प्रियतम मम परदेश बिराजथि, सरस वसँतहि कँत सताबथि। घर नहि आबथि सुखदाता।। अछि फागुन……………… सिहरय गात वसातक छुने, एहि जीवन स उत्तम मुइने। की हएतै लए कए टाका।। अछि फागुन……………… वसुधा बनलइ आइ फसादी, कुहकै छै कोइली उन्मादी। देइछ तन …

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मैथिली कविताः मातृभाषा मैथिली

#अयोध्यानाथ चौधरी विद्यापतिक मातृभाषा भारती-मंडनक भाषा लखिमा रानीक भाषा विद्वान विदुषीक भाषा सर्बसाधारणक भाषा पूर्ण जाग्रत भेल आशा। *** आहाँ भागमन्त छी आहाँ जीबन्त छी प्राती आ सांझ मे सोहर-समदाउन मे उदासी-वटगवनी मे फागु आ नचारी मे बच्चा क बोल मे ललना क ठोर मे बुढ क जवान मे प्रणाम मे, …

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महिला कलाकारक एक स्वर प्रदेश नम्बर २के नाम मिथिला हुए

जयन्त ठाकुर । प्रदेश नम्बर २के नामाकरणके लऽ कऽ विभिन्न वर्गक व्यक्तिमे मतान्तर देखल जा रहल अछि । किओ कोनो नाम तऽ किओ कोनो नामक सुझाव दऽ रहल छथि । दूधमतीक पछिल्ला अंकमे प्रदेशक अस्थायी राजधानीके लऽ कऽ कलाकारसभ कतेक हर्षित छथि विषयमे चर्चा कएने छलहुँ ओहि क्रममे पुरुष कलाकारसभ …

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जनकपुरक कलाकारसभ मिथिला नामक पक्षमे

जयन्त ठाकुर । प्रदेश नम्बर २ के अस्थायी राजधानी जनकपुरधाम बनि गेल अछि । स्थायी राजधानी सेहो जनकपुर बनत से लगभग निश्चित अछि । एहिसँ मैथिली रंगमञ्चमे काज कएनिहार कलाकारसभक किछु बेसीए हर्षित छथि । किए नहि हुए पहिने हुनकासभके मोफसलके कलाकार कहि सम्बोधित कएल जाइत छल आब स्वयं राजधानीके …

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विद्यार्थीसभमे उत्साहक सञ्चार करएवला देवीक पूजा

सुजीत कुमार झा सरस्वती पूजाके जनकपुरमे मात्र नहि मिथिलाञ्चल वा कही पूरे भारतीय उपमहाद्वीपमे धुम अछि । कोना कऽ भगवतीके प्रसन्न करी सभक लक्ष्य अछि । सरस्वती पूजा प्रत्येक वर्ष बसन्त पञ्चमीक दिन मनाओल जाइत अछि । ई पूजा माता सरस्वती, जिनका विद्याक देवी कहल जाइत अछि, हुनके सम्मानमे आयोजित …

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की सम्भव अछि सीतायन स्कल्पचर ?

रोशनकुमार झा जनकपुक पिडारी चौकपर पहुँचिते मन हर्षित भऽ जाईत अछि । जनकपुरक प्रमुख प्रवेशद्वारपर, जनकपुरक प्रमुख पहिचान अर्थात जानकी जन्मसँ सम्बन्धित मुर्तिकला ‘स्कल्पचर’ जानकी जन्म वाटिका एकदम सुन्दर आ मनोभावन अछि । ईएह कारण अछि जे जनकपुर आवएबला अधिकांश लोक ओहिके पृष्ठभुमी बनाक ‘सेल्फी’ खिचैत अछि आ अपन समाजिक …

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