Home / मिथिलाक आभाष कराबए लेल देवाल मिथिला चित्रकलासँ सजेलहुँः ललित बजाज, अध्यक्ष मारवाडी सेवा समिति, जनकपुरधाम

मिथिलाक आभाष कराबए लेल देवाल मिथिला चित्रकलासँ सजेलहुँः ललित बजाज, अध्यक्ष मारवाडी सेवा समिति, जनकपुरधाम

मारवाडी सेवा समितिक देवालके मिथिला चित्रकलासँ सजाओल गेल अछि । देबालके मिथिला चित्रकलासँ सजौलाक बाद अखन आकर्षक आ मनमोहक लागि रहल अछि । चित्रकलासँ सजाबएके सोच कोना एलैक एहि सम्बन्धमे समितिक अध्यक्ष ललित बजाजसंग दूधमतीक सम्पादक सुजीत कुमार झा बातचित कएलन्हि ।


प्र. मारवाडी सेवा समितिक देवालके मिथिला चित्रकलासँ सजाबएके सोच कोना एलैक ?
जनकपुरधाममे छी तऽ जनकपुरीया सुगन्ध तऽ आनही पडतैक । बाहरसँ हजारो लोक जनकपुरधाम माने मिथिला आबए चाहैत अछि । एहिठामक पहिचान परम्परा, संस्कृति बुझए चाहैत अछि । एहनमे कि कएल जाए मस्तिष्कमे बहुत दिनसँ छल इएह क्रममे मिथिला चित्रकलाक काज आगा बढल ।

मिथिला चित्रकलामे पूरा जीवन होइत अछि । जन्मसँ लऽ कऽ मृत्यु संस्कारधरिके चित्रकला बनैत अछि । रहन सहनसँ लऽ कऽ पूरे जीवन चित्रकलामे देखाओल जाइत अछि । तखन मारवाडी सेवा समितिमे स्थानक सेहो कमी छल फेर एहिठाम धार्मिक पर्यटकसभ बेसी अबैत अछि ओ रामजानकीके विवाहके बेसी बुझए चाहैत अछि तएँ एकरे सन्दर्भ जोडि कऽ कलाकारके कहलहुँ अपने ओहने चित्र बना दियौक । 

प्र. अन्य मारवाडीसभ संग एहि बातके लऽ कऽ विमर्श सेहो कएलियैक कि ?
खासे नहि । तखन अपन समितिमे बात रखलियैक फेर ओसभ सेहो सहमति जनौलन्हि । काज आगा बढि गेल । ९० प्रतिशत काज भऽ चुकल अछि मात्र १० प्रतिशत बाँकी अछि । जे सेहो जल्दिए पूरा भऽ जाएत ।


प्र. मिथिला चित्रकलामे रामजानकी विवाहे प्रसंग किए ?
मिथिला चित्रकलामे पूरा जीवन होइत अछि । जन्मसँ लऽ कऽ मृत्यु संस्कारधरिके चित्रकला बनैत अछि । रहन सहनसँ लऽ कऽ पूरे जीवन चित्रकलामे देखाओल जाइत अछि । तखन मारवाडी सेवा समितिमे स्थानक सेहो कमी छल फेर एहिठाम धार्मिक पर्यटकसभ बेसी अबैत अछि ओ रामजानकीके विवाहके बेसी बुझए चाहैत अछि तएँ एकरे सन्दर्भ जोडि कऽ कलाकारके कहलहुँ अपने ओहने चित्र बना दियौक ।
प्र. मिथिला चित्रकलासँ मारवाडी सेवा समितिके सजौलाक बाद अपनेक समाजसँ केहन प्रतिक्रिया आबि रहल अछि ?
बहुत बढियाँ । समिति भितर आबएसँ पूर्व किछु देर लोक देबालक चित्रकारिताके देख लेबए चाहैत अछि । लोक चारु दिस देख लैत अछि तेकर बादे भितर प्रवेश करैत अछि ।

शुद्ध शाकाहारी मारवाडी मिथिला भोजन एक दू महिना भितर भेटए लागत । पटनासँ मंगल दिन इन्जिनियर आबि रहल अछि भोजन करएके स्थान कोना निक बनाओल जाए ओ हमरासभके सहयोग करता । हम अपना कार्यकालमे ई काज कइए कऽ आगा बढब । 

प्र. मारवाडी बाहरके समाजक सेहो प्रतिक्रिया आएल अछि ?
हँ, ओहोसभ बहुत प्रसन्न छथि । श्रृजनशिलताके आदर करही पडतैक । बहुतो लोक सेल्फी देवालक रुपमे सेहो प्रयोग करए लागल अछि । मुदा हम स्वयं एकटा एहन देवाल बनाबए चाहैत छी जे समितिमे एलाक बाद लोक ओहिठाम फोटो खिचेबे करए । एहिके लेल लोकसभ संग विमर्श कऽ रहल छी । जल्दिए सेल्फी स्पट सेहो बनाएब ।
प्र. अपनेके सोच सात्विक होटेल खोलएके सेहो छल ओकर काज कतएधरि पहुँचल ?
ओहो काज आगा बढिए रहल अछि । शुद्ध शाकाहारी मारवाडी मिथिला भोजन एक दू महिना भितर भेटए लागत । पटनासँ मंगल दिन इन्जिनियर आबि रहल अछि भोजन करएके स्थान कोना निक बनाओल जाए ओ हमरासभके सहयोग करता । हम अपना कार्यकालमे ई काज कइए कऽ आगा बढब ।
प्र. केहन भोजन भेटतैक ?
बजारसँ आधा सस्ता भेटत । फेर सात्विक रहतैक । जनकपुरधाम आबएबला लोक सात्विक भोजन करए चाहैत अछि । गंगासागरमे स्नान करए चाहैत अछि, मैयाक मन्दिरमे पूजा करए चाहैत अछि ई काजसभ आगा बढि रहल अछि ।
प्र. बजारसँ आधा सस्ताके बात कएलियैक अछि अपनेसभके घाटा नहि लागत ?
नहि, हमसभ स्वयं व्यापारी सेहो छी । हँ तखन मुनाफा नहि अछि । सफाई रहतैक हलमे एसी रहतैक, भोजन पवित्र भेटतैक तकर ग्यारेण्टी रहत ।


प्र. जनकपुरधाम आबएबला पर्यटकसभ होटेलमे नहि मारवाडी सेवा समितिमे पहिने रहए चाहैत अछि ?
हँ, ई निरन्तर होइक ताहिमे लागल छी । २९टा रुम एसी अछि, ५टा रुम जे बाँकी अछि ओकरो एसी बना देल जाए ताहिमे लागल छी । ओना मारवाडी सेवा समिति भितरमे ५१टा रुम होइक ई सपना अछि । कारण वर्षमे कएटा विवाह होइत अछि, विवाहमे बेटाबला, बेटीबला दुनू रहए सकैक ताहि लेल घर एखनो पर्याप्त नहि अछि । एहिपर हमसभ गम्भिर छी ।

छात्रवृतिके लेल संरक्षण समिति गठन कऽ रहल छी । ओ समितिक सदस्यसभ एकमुष्ट सहयोग करता आ कूल ४० लाख रुपैया कोषमे राखएके योजना अछि । इएह योजना हिसाबसँ काज आगा बढत । 

प्र. अपनेके सपना छल शिक्षा कोष खोली ओ कतए पहुँचलैक ?
ओहो काज आगा बढि रहल अछि । शिक्षा कोषमे हमरासभके ७ लाख ११ हजार रुपैया सेहो अछि । समाजक दलित, पिछडल बच्चासभके १ हजारसँ १५ सय रुपैयाधरि महिना कोना दऽ सकी ताहिपर काज कऽ रहल छी । २०टा विद्यार्थीके प्रत्येक वर्ष छात्रवृति देब ।
प्र. एतबी रुपैयासँ कोना छात्रवृतिक काज आगा बढत ?


एहि छात्रवृतिके लेल संरक्षण समिति गठन कऽ रहल छी । ओ समितिक सदस्यसभ एकमुष्ट सहयोग करता आ कूल ४० लाख रुपैया कोषमे राखएके योजना अछि । इएह योजना हिसाबसँ काज आगा बढत ।

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